LTE Full Form क्या होती है? LTE क्या होता है?

स्मार्टफोन तो आप सभी के पास होगा। आज भारत में लगभग 70% मोबाइल यूज़र है और 2020 में यह आंकड़ा और ऊपर जाएगा। मार्किट में अक्सर जब भी कोई फ़ोन लॉन्च होता है तो कई कंपनी अपने फ़ोन को lte enable कहती है तो कुछ अपने फ़ोन को volte enable कहती है। अब volte के बारे में तो हम अगली पोस्ट में देखेंगे। आज हम बात करेंगे lte क्या होता है l LTE Full Form क्या होती है? और LTE कैसे काम करता है?

आज फ़ोन तो हम सभी इस्तेमाल करते है लेकिन इसके बाद भी lte के बारे में बहुत ही कम लोग जानते है यहाँ तक की कई बार तो फ़ोन विक्रेता को भी lte के बारे में पता नहीं होता है और उन्हें LTE Full Form तक पता नहीं होती है। अगर आप भी ऐसे ही है जिसे LTE Full Form तक नहीं पता तो यह आर्टिकल बस आपके लिए ही है।

इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा की LTE Full Form क्या होती है? LTE काम कैसे करता है? LTE के फायदे और नुक्सान क्या है? तो चलिए फिर LTE को देखते है।

LTE Full Form क्या होती है?

LTE Full Form होती है “Long-Term Evolution“। LTE दूरसंचार में मोबाइल उपकरणों और डेटा टर्मिनलों के लिए वायरलेस ब्रॉडबैंड संचार के लिए एक मानक है जो GSM / EDGE और UMTS / HSPA टेक्नोलॉजी पर आधारित है।

LTE Full Form In Hindi

LTE की Full Form हिंदी में “दीर्घकालिक विकास” होती है।

LTE क्या होता है?

LTE को आमतौर पर 4G LTE भी कहा जाता है लेकिन यह वास्तविक 4G नेटवर्क नहीं है क्योकि यह 4G वायरलेस सेवा के तकनीकी मानदंडों को पूरा नहीं करता है। LTE 3.9G है यह पूरी तरह से अभी 4G नहीं है LTE को आमतौर पर 3.9G के रूप में भी जाना जाता है।

LTE, 3G जेनरेशन पार्टनरशिप प्रोजेक्ट (3GPP) द्वारा विकसित एक 4G वायरलेस कम्युनिकेशन स्टैंडर्ड है जो कि मोबाइल डिवाइस जैसे स्मार्टफोन, टैबलेट, नोटबुक और वायरलेस हॉटस्पॉट के लिए 10x तक की speed प्रदान करने के लिए बनाया गया है।

lte full form

4G टेक्नोलॉजी को आईपी-आधारित वौइस्, डेटा और मल्टीमीडिया स्ट्रीमिंग प्रदान करने के लिए कम से कम 100 Mbps और ज्यादा से ज्यादा 1 GBps स्पीड प्रदान करने के लिए बनाया गया है। यह core network सुधार के साथ एक अलग रेडियो इंटरफेस का उपयोग करके गति और क्षमता बढ़ाता है।

LTE कैसे काम करता है?

LTE Full Form तो आपको पता चल गई होगी। अब बात करते है की LTE काम कैसे करता है। मैं आपको बहुत ही छोटे और सरल शब्दों में बताने की कोशिश करुगा। ताकि आपको आसानी से समझ आ सके की आखिर यह काम कैसे करता है।

LTE आर्किटेक्चर में मुख्य रूप से 3 जरुरी कॉम्पोनेन्ट होते है:-

  1. eNodeB (Evolved Node बी)
  2. EPC (Evolved Packet Core)
  3. IMS (IP Multimedia Subsystem)

सबसे पहले UE eNodeB से कनेक्ट होता है। eNodeB रिक्वेस्ट को फॉरवर्ड करता है जैसे आपको फेसबुक चलाना तो eNodeB रिक्वेस्ट को आगे भेजेगा।

दो eNodeB के बीच में एक इंटरफ़ेस होता है जिसके कहते है X2 इसे आप निचे इमेज में देख सकते है। इसके बाद eNodeB MME और Serving Gateway के साथ कनेक्ट होता है।

इसके बाद eNodeB और MME के बीच S1-MME इंटरफ़ेस होता है। eNodeB और S-GW के बीच S1-U इंटरफ़ेस होता है।

lte architecture

नोट : इमेज में आप देख सकते है की दो तरह की लाइन है एक तो plain लाइन है और दूसरी dotted लाइन है जो dotted लाइन वाले हार्डवेयर है वह internet चलाते समय या calling करते समय सीधे काम में नहीं आती है यह बस सपोर्ट करते है। यह कालिंग करते समय और इंटरनेट एक्सेस करते समय जो कनेक्टिविटी का काम होता है उस में यह काम आता है लेकिन जो plain लाइन वाले हार्डवेयर है वह सीधे calling और internet चलाते समय काम में आते है।

  1. E-UTRAN-Evolved-Universal Terrestrial Radio Access Network
  2. MME-Mobility Management Entity
  3. HSS-Home Subscriber Server
  4. S-GW-Serving Gateway
  5. PDN-GW- Packet Data Network Gateway
  6. PCRF-Policy and Changing Rule Funtion

MME VLR की तरह ही काम करता है पूरी तरह से तो नहीं लेकिन काफी हद तक यह vlr की तरह ही काम करता है। MME के मुख्य काम है Paging और Authentication यानी प्रमाणीकरण। MME यह पता करता है की यूजर विश्वसनीय है या नहीं। यानी जिसने कॉल किया है यह वही यूजर है या कोई और है।

इसके अलावा MME सर्विंग गेटवे को भी सेलेक्ट करता है की आप जिस लोकेशन में उसके अनुसार कोनसा सर्विंग गेटवे आपके लिए ठीक रहेगा। और किस सर्विंग गेटवे से कनेक्ट होने पर आपको ज्यादा स्पीड मिलेगी। यह काम भी MME ही करता है।

S-GW का मुख्य काम होता है routing और यूजर के data packet को आगे फॉरवर्ड करना। S-GW यह निर्धारित करता है की data packet को कहाँ फॉरवर्ड करना है।

PDN-GW का सबसे जरुरी काम होता है यह इंटरनेट पर कुछ भी काम करने के लिए आपको आईपी allocate करता है। इसके अलावा अगर आप 4G से 3G पर जाते है तो यह काम भी pdn gateway ही करता है।

HSS का काम HLR की तरह ही होता है। यह यूजर की सारी इनफार्मेशन अपने पास जमा करके रखता है जैसे यूजर का नाम, उसका एड्रेस, उसका मोबाइल नंबर, उसने कौन कौन सी सर्विस को लिया हुआ है और कौनसी सर्विस को ब्लॉक किया हुआ है, कौनसा डाटा पैक यूजर इस्तेमाल कर रहा है यह सब काम HSS का होता है।

PCRF का काम होता बिल बनाना। जब आप डाटा पैक इस्तेमाल करते है तो यह आप पर नज़र रखता है जैसे जैसे आपका डाटा खत्म होता रहता है यह अपने पास अपडेट कर देता है और आपके पास मैसेज भेज देता है की आपने आज इतना डाटा इस्तेमाल कर लिया है या आज आप अपना 1GB  डाटा को इस्तेमाल कर चुके हो। 

अगर आपने नोटिस किया हो तो जिओ में आपके पास मैसेज आता रहता है की आप आज अपने दैनिक डाटा का 50 प्रतिशत इस्तेमाल कर चुके है या फिर आज आप अपने दैनिक डाटा की सीमा को पूरी कर चुके हो और आपकी स्पीड को कम कर दिया गया है। यह सारा काम PCRF ही करता है।

इसके अलावा यह अपने उपभोक्ता को सेवा की गुणवत्ता भी देता है जैसे PCRF यह निर्धारित करता है की यूजर को किस जगह कोनसी वौइस् क्वालिटी देनी है जैसे जहाँ नेटवर्क कम आ रहे है तो और वह HD क्वालिटी नहीं दे सकता है तो फिर वह यूजर को SD क्वालिटी उपलब्ध कराता है। यह सब काम भी PCRF ही करता है।

तो ऐसे ही LTE का पूरा आर्किटेक्चर काम करता है।

LTE के फायदे क्या है?

High Speed Internet – LTE से आप हाई स्पीड इंटरनेट का आनंद ले सकते है क्योकि इसमें आपको कम से कम 100 Mbps और ज्यादा से ज्यादा 1 GBps की इंटरनेट स्पीड मिलती है जो की 3G से बहुत ज्यादा है।

Fast Connectivity – LTE में कॉल 2G या 3G के मकाबले बहुत जल्दी कनेक्ट हो जाती है। यहाँ कॉल कनेक्टिविटी कई बार मिली सेकंड में भी होती है।

LTE के नुक्सान क्या है?

LTE का सबसे बड़ा जो नुक्सान है वह यह है की इंटरनेट चलाते समय अगर अचानक कोई कॉल आ जाए तो इससे इंटरनेट कनेक्शन टूट जाता है। इससे आप इंटरनेट का मज़ा calling के दौरान नहीं ले सकते है। इसके लिए आपको कॉल को डिसकनेक्ट करना होगा।

LTE नेटवर्क में 2G या 3G के मुकाबले ज्यादा बैटरी की खपत होती है तो अगर आप lte नेटवर्क इस्तेमाल करते है तो आपको ज्यादा बैटरी वाले फ़ोन लेने होंगे।

LTE की History क्या है?

साल 2004 में, जापान के NTT Docomo ने एलटीई को अंतरराष्ट्रीय मानक के रूप में प्रस्तावित किया। सितंबर 2006 में, Siemens Networks ने मीडिया और निवेशकों को LTE नेटवर्क के पहले लाइव इम्यूलेशन के साथ नोमर रिसर्च के सहयोग से दिखाया। लाइव एप्लिकेशन के रूप में, डाउनलिंक में HDTV वीडियो स्ट्रीमिंग करने वाले और अपलिंक में एक इंटरैक्टिव गेम खेलने वाले दो उपयोगकर्ताओं का प्रदर्शन किया गया।

इसके बाद फरवरी 2007 में, Ericsson ने विश्व में पहली बार LTE में 144 Mbit / s तक की बिट दरों का प्रदर्शन किया। फिर सितंबर 2007 में, NTT डोकोमो ने परीक्षण के दौरान 100 mW से कम बिजली के स्तर के साथ 200 Mbit / s के एलटीई डेटा दरों का प्रदर्शन किया।

इसके बाद नवंबर 2007 में, Infineon ने दुनिया का पहला RF ट्रांसीवर प्रस्तुत किया। जिसका नाम SMARTi LTE था, जो CMOS में संसाधित सिंगल चिप RF सिलिकॉन में LTE कार्यक्षमता का समर्थन करता था।

इसके बाद 2008 की शुरुआत में, LTE परीक्षण उपकरण ने कई विक्रेताओं से शिपिंग शुरू किया और, बार्सिलोना में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2008 में, Ericsson ने दुनिया का पहला end-to-end मोबाइल कॉल LTE enable  एक छोटे से हैंडहेल्ड डिवाइस पर प्रदर्शित किया। मोटोरोला ने भी इसी इवेंट में LTE RAN मानक अनुरूप eNodeB और LTE चिपसेट का प्रदर्शन किया था।

फरवरी 2008 में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस:

मोटोरोला ने यह प्रदर्शित किया कि कैसे LTE HD वीडियो डेमो स्ट्रीमिंग, HD वीडियो ब्लॉगिंग, ऑनलाइन गेमिंग और LTE पर RAN मानक-अनुरूप LTE नेटवर्क और LTE चिपसेट चलाने के साथ व्यक्तिगत मीडिया के अनुभव के वितरण में तेजी ला सकता है।

Ericsson EMP ने दुनिया का पहला एंड-टू-एंड LTE कॉल ऑन हैंडहेल्ड का प्रदर्शन किया। एरिक्सन ने उसी बेस स्टेशन प्लेटफॉर्म पर LTE FDD और TDD मोड का प्रदर्शन किया।

फ्रीस्केल सेमीकंडक्टर ने 96 Mbps डाउनलिंक और 86 Mbps अपलिंक के पीक डेटा दरों के साथ स्ट्रीमिंग एचडी वीडियो का प्रदर्शन किया।

NXP सेमीकंडक्टर्स ने सेलफोन में उपयोग के लिए सॉफ्टवेयर-परिभाषित रेडियो सिस्टम के आधार के रूप में एक multi-mode एलटीई मॉडेम का प्रदर्शन किया।

picoChip और Mimoon ने बेस स्टेशन संदर्भ डिजाइन का प्रदर्शन किया। यह उनके वाईमैक्स आर्किटेक्चर के साथ एक सामान्य हार्डवेयर प्लेटफॉर्म पर चलता है।

इसके बाद अप्रैल 2008 में, एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स और नॉर्टेल ने 110 किमी / घंटा की यात्रा के दौरान 50 Mbit / s के LTE डेटा दरों का प्रदर्शन किया।

इसके बाद नवंबर 2008 में, मोटोरोला ने 700 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम में उद्योग का पहला ओवर-द-एयर एलटीई सत्र प्रदर्शित किया।

Nokia Siemens Networks और Heinrich Hertz Institut में शोधकर्ताओं ने LTE को 100 Mbit / s Uplink ट्रांसफर स्पीड के साथ प्रदर्शित किया है।

फरवरी 2009 में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस:

Infineon ने 2G / 3G / LTE कार्यक्षमता प्रदान करने वाली सिंगल-चिप 65 एनएम CMOS RF ट्रांसीवर का प्रदर्शन किया।

ng कनेक्ट कार्यक्रम का शुभारंभ, वायरलेस ब्रॉडबैंड अनुप्रयोगों की पहचान करने और विकसित करने के लिए Alcatel-Lucent द्वारा स्थापित एक बहु-उद्योग संघ है।

मोटोरोला ने वास्तविक जीवन के महानगरीय RF वातावरण में एलटीई प्रणाली के प्रदर्शन को प्रदर्शित करने के लिए बार्सिलोना की सड़कों पर एलटीई ड्राइव यात्रा की।

इसके बाद जुलाई 2009 में, नुजिरा ने 880 मेगाहर्ट्ज एलटीई पावर एम्पलीफायर के लिए 60% से अधिक की क्षमता का प्रदर्शन किया।

फिर, अगस्त 2009 में, Nortel और LG इलेक्ट्रॉनिक्स ने मानकों के अनुरूप तरीके से CDMA और LTE नेटवर्क के बीच पहला सफल हैंडऑफ प्रदर्शित किया।

अगस्त 2009 में, Alcatel-Lucent को 700 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड के लिए एलटीई बेस स्टेशनों के लिए एफसीसी प्रमाणीकरण प्राप्त हुआ।

सितंबर 2009 में, Nokia Siemens नेटवर्क्स ने मानकों के अनुरूप वाणिज्यिक सॉफ्टवेयर पर दुनिया के पहले एलटीई कॉल का प्रदर्शन किया।

अक्टूबर 2009 में, Ericsson और Samsung ने स्टॉकहोम, स्वीडन में पहली बार वाणिज्यिक एलटीई डिवाइस और लाइव नेटवर्क के बीच अंतर का प्रदर्शन किया।

इसके बाद अक्टूबर 2009 में, Alcatel-Lucent की बेल लैब्स, Deutsche टेलीकॉम इनोवेशन लेबोरेटरीज, Fraunhofer Heinrich-Hertz इंस्टीट्यूट और एंटीना सप्लायर Kathrein ने एलटीई और 3G की डेटा ट्रांसमिशन स्पीड बढ़ाने के उद्देश्य से CoMP यानी कोऑर्डिनेटेड मल्टिपल ट्रांसमिशन नामक तकनीक का लाइव फील्ड टेस्ट किया।

इसके बाद नवंबर 2009 में, Alcatel-Lucent ने EDD यानी यूरोपीय डिजिटल डिविडेंड के हिस्से के रूप में 800 MHz स्पेक्ट्रम बैंड सेट का उपयोग करके पहला लाइव LTE कॉल पूरा किया।

नवंबर 2009 में, Nokia Siemens नेटवर्क्स और LG ने एलटीई का पहला एंड-टू-एंड अंतर परीक्षण पूरा किया।

14 दिसंबर 2009 को, स्वीडिश-फ़िनिश नेटवर्क ऑपरेटर TeliaSonera और इसके नार्वे ब्रांडनाम NetCom द्वारा स्कैंडिनेवियाई राजधानियों स्टॉकहोम और ओस्लो में पहली व्यावसायिक LTE तैनाती की गई थी। TeliaSonera ने नेटवर्क “4G” को गलत तरीके से ब्रांड किया।

TeliaSonera की योजना स्वीडन, नॉर्वे और फ़िनलैंड में देश भर में LTE रोल आउट करने की थी। TeliaSonera ने 10 मेगाहर्ट्ज और सिंगल-इनपुट और सिंगल-आउटपुट ट्रांसमिशन के स्पेक्ट्रल बैंडविड्थ का इस्तेमाल किया।जनवरी 2010 में, Alcatel-Lucent और एलजी ने एलटीई और सीडीएमए नेटवर्क के बीच एंड-टू-एंड डेटा कॉल का एक लाइव हैंडऑफ़ पूरा किया।

इसके बाद फरवरी 2010 में, Nokia Siemens Networks और मूवीस्टार ने बार्सिलोना, स्पेन में मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस 2010 में इनडोर और आउटडोर दोनों प्रदर्शनों के साथ एलटीई का परीक्षण किया।

मई 2010 में, MTS (मोबाइल टेलीसिस्टम) और हुआवेई ने मॉस्को, रूस में “Sviaz-Expocomm 2010” में एक इनडोर एलटीई नेटवर्क दिखाया।

MTS को 2011 की शुरुआत तक मॉस्को में एक परीक्षण एलटीई सेवा शुरू करने की उम्मीद थी। इससे पहले, एमटीएस को उज़्बेकिस्तान में LTE नेटवर्क बनाने का लाइसेंस मिला है और Alcatel-Lucent के साथ साझेदारी में यूक्रेन में एक परीक्षण एलटीई नेटवर्क शुरू करने का इरादा रखता था।

मई 2010 में शंघाई एक्सपो 2010 में, मोटोरोला ने चाइना मोबाइल के साथ मिलकर लाइव LTE का प्रदर्शन किया। इसमें वीडियो स्ट्रीम और TD-LTE का उपयोग करके ड्राइव टेस्ट सिस्टम शामिल था।

तारिक 12/10/2010 तक, DirecTV ने पेन्सिलवेनिया के कुछ घरों में हाई-स्पीड LTE वायरलेस तकनीक के परीक्षण के लिए Verizon Wireless के साथ मिलकर एक एकीकृत इंटरनेट और टीवी बंडल देने के लिए डिज़ाइन किया है। Verizon Wireless ने कहा कि उसने 38 बाजारों में एलटीई वायरलेस सेवाओं के लिए लॉन्च किया, जहां रविवार, 5 दिसंबर को 110 मिलियन से अधिक अमेरिकी रहते हैं।

इसके बाद 6 मई, 2011 को श्रीलंका टेलीकॉम मोबिटेल ने दक्षिण एशिया में पहली बार 4G LTE का प्रदर्शन किया, जिससे श्रीलंका में 96 Mbps का डेटा रेट प्राप्त हुआ।

अगस्त 2009 में Telefónica ने सफल महीनों में एलटीई को क्षेत्र-परीक्षण के लिए छह देशों का चयन किया: स्पेन, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी और यूरोप में चेक रिपब्लिक, और लैटिन अमेरिका में ब्राजील और अर्जेंटीना।

24 नवंबर, 2009 को: टेलीकॉम इटालिया ने दुनिया के पहले आउटडोर वाणिज्यिक प्रयोग की घोषणा की, जो टोरिनो में तैनात था और वर्तमान में पूरी तरह से 2G / 3G नेटवर्क में एकीकृत है।

14 दिसंबर 2009 को, दुनिया की पहली सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एलटीई सेवा को स्कैंडिनेवियाई राजधानियों स्टॉकहोम और ओस्लो में TeliaSonera द्वारा खोला गया था।

28 मई 2010 को, रूसी ऑपरेटर स्कारटेल ने 2010 के अंत तक कज़ान में एक एलटीई नेटवर्क शुरू करने की घोषणा की।

6 अक्टूबर 2010 को, कनाडाई प्रदाता रोजर्स कम्युनिकेशंस ने घोषणा की कि कनाडा की राष्ट्रीय राजधानी ओटावा एलटीई परीक्षणों की साइट होगी। रोजर्स ने कहा कि यह इस परीक्षण पर विस्तार करेगा और ओटावा क्षेत्र में कम और उच्च-बैंड फ्रेक्वेंसी दोनों पर LTE के व्यापक तकनीकी परीक्षण के लिए आगे बढ़ेगा।

इसके बाद 6 मई, 2011 को, श्रीलंका टेलीकॉम मोबिटेल ने दक्षिण एशिया में पहली बार 4G LTE का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया, जिससे श्रीलंका में 96 Mbps की डेटा दर प्राप्त हुई।

7 मई, 2011 को, श्रीलंकाई मोबाइल ऑपरेटर डायलॉग आशिता पीएलसी ने दक्षिण एशिया में पहले पायलट 4G LTE नेटवर्क पर वेंडर पार्टनर हुआवेई के साथ स्विच किया और 127 Mbps तक की डाउनलोड डेटा स्पीड का प्रदर्शन किया।

9 फरवरी 2012 को, टेलस मोबिलिटी ने महानगरीय क्षेत्रों में अपनी एलटीई सेवा आरंभ की, जिसमें वैंकूवर, कैलगरी, एडमॉन्टन, टोरंटो और ग्रेटर टोरंटो एरिया, किचनर, वाटरलू, हैमिल्टन, गेल्फ, बेलेविले, ओटावा, मॉन्ट्रियल, क्यूबेक सिटी, हैलिफ़ैक्स और येलोनाइफ़ शामिल हैं।

Telus मोबिलिटी ने घोषणा की है कि वह एलटीई को अपने 4G वायरलेस मानक के रूप में अपनाएगा। Cox कम्युनिकेशंस में वायरलेस एलटीई नेटवर्क निर्माण के लिए अपना पहला टॉवर था जिसके बाद 2009 के अंत में वायरलेस सेवाएं शुरू की गईं।

भारत में साल 2012 में Airtel ने एलटीई नेटवर्क की सेवा शुरू की थी।

मार्च 2019 में, ग्लोबल मोबाइल सप्लायर्स एसोसिएशन ने बताया कि अब व्यावसायिक रूप से लॉन्च किए गए एलटीई नेटवर्क के साथ 717 ऑपरेटर थे।

निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है की आपको LTE Full Form और एलटीई के बारे में सारी जानकारी अच्छी लगी होगी। अगर फिर भी आपका कोई सवाल एलटीई के बारे में हो तो आप हमे निचे कमेंट करके पूछ सकते है।

यह भी पढ़े

VoLTE Full Form क्या होती है? VoLTE क्या होता है?

GSM Full Form क्या होती है? GSM क्या होता है?

GPS Full Form क्या होती है? GPS क्या होता है

GPRS Full Form क्या होता है? GPRS क्या है?

USSD Full Form क्या होती है? USSD क्या होता है?

Leave a comment

Content Protected
4 Shares
Tweet
Pin1
Share3
Share