CD Full Form क्या होती है? CD क्या होती है?

क्या आपने कभी सोचा है की यह सीडी जो आप इस्तेमाल करते है वह क्या होती है कैसे काम करती है या फिर CD Full Form क्या होती है? क्या कभी आपके दिमाग में cd को लेकर ऐसा सवाल आया है। अगर आपके दिमाग में ऐसा सवाल आए है तो आज आपको आपका जवाब मिल जाएगा।

इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा की CD की Full Form क्या होती है? CD क्या होती है? CD काम कैसे करती है? तो चलिए फिर आज का टॉपिक शुरू करते है।

CD Full Form क्या होती है?

CD की Full Form “Compact Disc” होती है। इसे हिंदी में सघन चक्रिका या ठोस डिस्क भी कह सकते है। सीडी को मूल रूप से ऑडियो रिकॉर्ड करने और डॉक्यूमेंट फाइल को स्टोर करने के लिए बनाया गया। 

CD क्या होती है?

CD एक 4 75 इंच की ऑप्टिकल स्टोरेज डिवाइस है। इसमें डाटा को डिजिटली स्टोर किया जाता है। एक सामान्य सीडी में 700 MB की स्टोरेज होती है। सीडी को खासतौर से programming file और audio को स्टोर करने के लिए बनाया गया था।

CD-ROM को 1982 में जापानी कंपनी Denon द्वारा विकसित किया गया था। सीडी-रोम को 1984 में एक जापानी कंप्यूटर शो में Denon और Sony द्वारा पेश किया गया था। 1990 के दशक के दौरान, CD-ROM का उपयोग कंप्यूटर और चौथी पीढ़ी के वीडियो गेम कंसोल के लिए सॉफ्टवेयर और डेटा स्टोर और बाजार में बेचने के लिए किया गया था।

अगर आप जानना चाहते है की सीडी या डीवीडी बनती कैसे है या सीडी और डीवीडी काम कैसे करती है तो आप हमारी पिछली पोस्ट को पढ़ सकते है वह पर मैंने आपको डिटेल में बताया है की cd और dvd कैसे बनती है और कैसे काम करती है।

DVD Full Form क्या होती है? DVD क्या होती है?

CD का इस्तेमाल कहाँ कहाँ होता है।

एंटीवायरस – एंटीवायरस के लिए भी सीडी का इस्तेमाल खूब हुआ है। आज लोग इंटरनेट से सेटअप डाउनलोड कर लेते है और ऑनलाइन लाइसेंस key खरीद लेते है लेकिन आज भी अगर आप ऑफलाइन मार्केट में कोई एंटीवायरस खरीदते है तो उसमें आपको एंटीवायरस की cd ही मिलती है।

सॉफ्टवेयर – सभी सॉफ्टवेयर के लिए तो सीडी इस्तेमाल नहीं होती है लेकिन हां छोटे सॉफ्टवेयर आज भी बाजार में cd में ही मिलते है।

गेम्स – इसी तरह से जो छोटे छोटे गेम होते है वह cd में ही मिलते है बाकी ज्यादा हैवी गेम के लिए डीवीडी का इस्तेमाल होता है।

ड्राइवर – ड्राइवर के लिए भी cd का ही इस्तेमाल होता है। लैपटॉप के ड्राइवर तो काफी हैवी होते है इसीलिए उसके लिए डीवीडी का उपयोग होता है लेकिन प्रिंटर और कुछ डिवाइस के ड्राइवर आज भी cd में ही मिलते है।

ऑफिस डाटा – आज भी कई कंपनी जब अपना डाटा किसी दूसरी कंपनी को हार्ड कॉपी में भेजती है तो वह उस फाइल को cd में स्टोर करके ही भेजती है।

CD के फायदे क्या है?

कीमत – सीडी का एक ही सबसे बड़ा फायदा है इसकी कीमत, मात्र 10 रूपये में आप इसमें 700 MB तक डाटा को स्टोर कर सकते है। अगर आपको किसी को कोई डाटा हार्ड कॉपी में देना है तो आप उसे वह डाटा पेनड्राइव में देने की जगह cd में दे सकते है।

पोर्टेब्लिटी – दूसरा इसका फायदा है इसकी पोर्टेब्लिटी आप cd को कही भी आसानी ले जा सकते है इसकी मोटाई भी बिलकुल भी कम होती है।

CD के नुक्सान क्या है?

सिमित स्टोरेज – सीडी की सबसे बड़ी कमी है इसकी कम स्टोरेज। सीडी में मात्र 700 MB की ही स्टोरेज मिलती है जिससे अगर आपका डाटा 700 MB से ज्याद हो तो इसके लिए आपको दो cd का इस्तेमाल करना होगा। या फिर आपको डीवीडी का इस्तेमाल करना होगा।

हिफ़ाज़त – सीडी का एक और नुक्सान है की इसको आपको बड़ी हिफ़ाज़त से रखना होता है क्योकि कई बार cd मुड़ जाती है तो कई बार टूट भी जाती है। इसके अलावा इसमें कई बार scratch भी लग जाते है जिससे डाटा नष्ट भी हो सकता है।

कोई डेटा रिकवरी नहीं – सीडी का सबसे बड़ा नुक्सान यही है। अगर आपकी cd किसी कारणवश खराब हो जाती है तो इसका डाटा पूरी तरह से नष्ट हो जाता है और इसे आप रिकवर नहीं कर सकते है जबकि अगर पेनड्राइव या हार्डडिस्क खराब होती है तो उसमें से डाटा को रिकवर किया जा सकता है।

एक बार डेटा स्टोर – सीडी में केवल एक बार ही डाटा को स्टोर किया जा सकता है जैसे अगर आपने cd में कोई डाटा को स्टोर कर दिया तो आप उसे डिलीट नहीं कर सकते है और ना ही आप उसमें दोबारा डाटा को डाल सकते है जैसे हम pendrive में करते है।

मुझे उम्मीद है की आपको CD Full Form और इसके फायदे नुक्सान तथा हर प्रकार की जानकारी समझ आई होगी और अच्छी लगी होगी। अगर फिर भी आपका कोई सवाल हो तो आप हमे निचे कमेंट करके पूछ सकते है।

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